Fandom

Hindi Literature

अख़बारवाला / रघुवीर सहाय

१२,२६१pages on
this wiki
Add New Page
Talk0 Share

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

http://www.kavitakosh.orgKkmsgchng.png
































CHANDER

धधकती धूप में रामू खड़ा है

खड़ा भुलभुल में बदलता पाँव रह रह

बेचता अख़बार जिसमें बड़े सौदे हो रहे हैं ।


एक प्रति पर पाँच पैसे कमीशन है,

और कम पर भी उसे वह बेच सकता है

अगर हम तरस खायें, पाँच रूपये दें

अगर ख़ैरात वह ले ले ।


लगी पूँजी हमारी है छपाई-कल हमारी है

ख़बर हमको पता है, हमारा आतंक है,

हमने बनायी है

यहाँ चलती सड़क पर इस ख़बर को हम ख़रीदें क्यो ?

कमाई पाँच दस अख़बार भर की क्यों न जाने दें ?


वहाँ जब छाँह में रामू दुआएँ दे रहा होगा

ख़बर वातानुकूलित कक्ष में तय कर रही होगी

करेगी कौन रामू के तले की भूमि पर कब्ज़ा ।

Also on Fandom

Random Wiki