अग्निधर्म / कन्हैयालाल नंदन
From Hindi Literature
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रचनाकार: कन्हैयालाल नंदन | |
अंगारे को तुमने छुआ
और हाथ में फफोला नहीं हुआ
इतनी सी बात पर
अंगारे पर तोहमत मत लगाओ.
जरा तह तक जाओ
आग भी कभी-कभी
आपद्धर्म निभाती है
और जलने वाले की क्षमता देखकर जलाती है.
