अज्ञेय
From Hindi Literature
[edit] अज्ञेय की रचनाएँ
| सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय" | |
| उपनाम | अज्ञेय |
| जन्म स्थान | कुशीनगर, देवरिया जिला, उत्तर प्रदेश |
| कुछ प्रमुख कृतियाँ | हरी घास पर क्षण भर, बावरा अहेरी, इंद्र धनु रौंदे हुए, आंगन के पार द्वार, कितनी नावों में कितनी बार |
| विविध | "कितनी नावों में कितनी बार" नामक काव्य संग्रह के लिये 1978 में भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित।"आँगन के पार द्वार" के लिये 1964 का साहित्य अकादमी पुरस्कार |
| जीवनी | अज्ञेय / परिचय |
- आँगन के पार द्वार / अज्ञेय (कविता संग्रह)
- अरी ओ करुणा प्रभामय / अज्ञेय (कविता संग्रह)
- कितनी नावों में कितनी बार / अज्ञेय (कविता संग्रह)
- अज्ञेय काव्य स्तबक / अज्ञेय (कविता संग्रह)
- तार सप्तक / अज्ञेय (कविता संग्रह)
- दूसरा सप्तक / अज्ञेय (कविता संग्रह)
- तीसरा सप्तक / अज्ञेय (कविता संग्रह)
- हरी घास पर क्षण भर / अज्ञेय (कविता संग्रह)
- असाध्य वीणा / अज्ञेय (लम्बी रचना)
- मुक्ति की कामना / अज्ञेय
- नया कवि : आत्म-स्वीकार / अज्ञेय
- देखिये न मेरी कारगुज़ारी / अज्ञेय
- सत्य तो बहुत मिले / अज्ञेय
- चांदनी जी लो / अज्ञेय
- मैंने आहुति बन कर देखा / अज्ञेय
- जो कहा नही गया / अज्ञेय
- ताजमहल की छाया में / अज्ञेय
- बावरा अहेरी / अज्ञेय
- ये मेघ साहसिक सैलानी / अज्ञेय
- उड़ चल हारिल / अज्ञेय
- हँसती रहने देना / अज्ञेय
- सर्जना के क्षण / अज्ञेय
- ब्राह्म मुहूर्त / अज्ञेय
- यह दीप अकेला / अज्ञेय
- वन झरने की धार / अज्ञेय
- वसंत आ गया / अज्ञेय
- शरद / अज्ञेय
- सारस अकेले / अज्ञेय
- मैं ने देखा, एक बूँद / अज्ञेय
- दृष्टि-पथ से तुम जाते हो जब / अज्ञेय
