Fandom

Hindi Literature

आगमन वसन्त का / येव्गेनी येव्तुशेंको

१२,२६१pages on
this wiki
Add New Page
Talk0 Share

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

http://www.kavitakosh.orgKkmsgchng.png
































साँचा:KKAnooditRachna

धूप खिली थी

और रिमझिम वर्षा

छत पर ढोलक-सी बज रही थी लगातार

सूर्य ने फैला रखी थीं बाहें अपनी

वह जीवन को आलिंगन में भर

कर रहा था प्यार


नव-अरुण की

ऊष्मा से

हिम सब पिघल गया था

जमा हुआ

जीवन सारा तब

जल में बदल गया था

वसन्त कहार बन

बहंगी लेकर

हिलता-डुलता आया ऎसे

दो बाल्टियों में

भर लाया हो

दो कम्पित सूरज जैसे

Also on Fandom

Random Wiki