Entertainment
 

आगाज़ तो होता है अंजाम नहीं होता / मीना कुमारी

विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से

रचनाकार:मीना कुमारी

~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*

आगाज़ तॊ होता है अंजाम नहीं होता

जब मेरी कहानी में वॊ नाम नहीं होता

जब जुल्फ़ की कालिख़ में घुल जाए कोई राही

बदनाम सही लेकिन गुमनाम नहीं हॊता

हँस हँस के जवां दिल के हम क्यों न चुनें टुकडे़

हर शख्स़ की किस्मत में ईनाम नहीं होता

बहते हुए आँसू ने आँखॊं से कहा थम कर

जो मय से पिघल जाए वॊ जाम नहीं होता

दिन डूबे हैं या डूबे बारात लिये कश्ती

साहिल पर मगर कोई कोहराम नहीं होता