FANDOM

१२,२६२ Pages

http://www.kavitakosh.orgKkmsgchng.png
































CHANDER

सॉनेट और त्रिलोचन : काठी दोनों की है

एक । कठिन प्रकार में बंधी सत्य सरलता ।


साधे गहरी सांस सहज ही...ऎसा लगता

जैसे पर्वत तोड़ रहा हो कोई निर्भय

सागर-तल में खड़ा अकेला; वज्र हृदयमय ।


नैसर्गिक स्वर में जब ऐसी गूढ़ अगमता

स्वयं बोलती हो जो युग की अवास्तविकता

को मानो ललकार रही हो, तब नि:संशय

अंतस्तल खिल-खिल जाता : चट्टानें भीतर

दुखती-सी कसमस जीवन की ।

-बढ़कर उन पर


सीधी चोट लगाऊं, उनको ढाऊं बरबस

डूबी हुई खान की निधियां अपनी सरबस !

लाऊं ऊपर ! अपने अंदर ऐसा ही प्रण

लिए हुए हैं शायद सॉनेट और त्रिलोचन ।


(रचनाकाल :1957)

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

Also on FANDOM

Random Wiki