पुराने अवतरण Report a problem
पन्ना बदलें संवाद

कभी अहसास होता है / ओमप्रकाश चतुर्वेदी 'पराग'

From Hindi Literature

यहां जाईयें: नेविगेशन, ख़ोज

रचनाकार: ओमप्रकाश चतुर्वेदी 'पराग'

~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~


कभी अहसास होता है मुकम्मल आदमी हूँ मैं

कभी लगता है जैसे आदमी की इक डमी हूँ मैं


कभी हूँ हर खुशी की राह में दीवार काँटों की

कभी हर दर्द के मारे की आँखों की नमी हूँ मैं


धधकता हूँ कभी ज्वालामुखी के गर्म लावे-सा

कभी पूनम की मादक चाँदनी-सा रेशमी हूँ मैं


कभी मेरे बिना सूना रहा, हर जश्न, हर महफिल

कभी त्यौहार पर भी एक सूरत मातमी हूँ मैं


कभी मौजूदगी मेरी चमन में फालतू लगती

कभी फूलों की मुस्कानों की खातिर लाजिमी हूँ मैं

Rate this article:

Share this article:

Hubs Highlights International Sites Wikia messages
Entertainment
Gaming
Cartoons & Comics
Science Fiction
Hobbies
Sports
See all...
German
Spanish
Chinese
Japanese
More...
Wikia is hiring for several open positions
Send this article to a friend
"कभी अहसास होता है / ओमप्रकाश चतुर्वेदी 'पराग'"
 
 
Hi!

I thought you'd like this page from Wikia!

http://hi.literature.wikia.com

Come check it out!
Send confirmation


.