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क्रिकेट का काला दिन, क्रिकेटर गए जेल

Added by Rajkumar soniइससे पहले मंगलवार को स्पॉट फिक्सिंग मामले में साउथवर्क क्राउन कोर्ट ने पूर्व पाकिस्तानी कप्तान सलमान बट और उनके टीम साथी पेसर मोहम्मद आसिफ को दोषी करार दिया था। अदालत ने बट को दो मामलों-साजिश रचने और और पैसे लेने के लिए दोषी ठहराया है जबकि आसिफ को साजिश रचने का दोषी पाया गया हैं।
अभी और खिलाड़ी फसेंगे स्पॉट फिक्सिंग मामले में दोषी करार दिए गए पाकिस्तानी क्रिकेटर सलमान बट, मोहम्मद आमेर और मोहम्मद आसिफ के अलावा उनकी टीम के साथियों कामरान अकमल और वहाब रियाज के भी खिलाफ जांच नए सिरे से शुरू हो सकती है। एक ब्रिटिश अखबार के मुताबिक स्पॉट फिक्सिंग मामले में साउथ क्राउनवर्क कोर्ट में 12 दिनों तक चली सुनवाई में विकेटकीपर कामरान अकमल और तेज गेंदबाज रियाज का भी नाम संदिग्ध के रूप में आया था।
ऐसे हुई सुनवाई स्पॉट फिक्सिंग में दोषी पाए गए तीनों पाकिस्तानी खिलाड़ी सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमेर बुधवार सुबह को पहली बार साउथवर्क क्राउन कोर्ट में एक साथ पेश हुए। इस मामले की सुनवाई के 21वें दिन पूरा कोर्ट खचाखच भरा हुआ था। कोर्ट नंबर चार, जहां सुनवाई चल रही थी, करीब 60 लोग मौजूद थे। ज्यूरी सीट के पास मीडिया के लिए बने स्पेशल कमरे में भी मीडियाकर्मियों की भरमार थी। काली शर्ट और ग्रे रंग का सूट पहने मोहम्मद आमेर कठघरे में थे जहां उनके बाएं ओर सुरक्षा अधिकारी और दाएं में एक महिला उर्दू दुभाषिया बैठी थी। उनके साथ मोहम्मद आसिफ और दाएं सलमान बट बैठे थे। कोर्ट की सुनवाई सुबह 11.30 बजे शुरू हुई।
पहले से तय कि गई नो बॉल कराई आमेर के वकील हेनरी ब्लेक्सलैंड ने जस्टिस कुक से कहा कि 19 वर्षीय लॉर्ड्स में आमेर ने जो किया था, उसकी जिम्मेदारी उन्होंने खुद ली है और किसी अन्य पर कोई आरोप नहीं लगाया। इस बीच, जस्टिस कुक ने कहा कि प्री-ट्रायल के दौरान जो दलील दी गई थी उसमें कहा गया था कि, ‘प्रतिवादी सिर्फ दबाव (शारीरिक खतरा नहीं) और प्रभाव में आकर इसमें शामिल हुआ। यदि वह इसमें शामिल नहीं होता तो भविष्य में उसे अपने प्रोफेशनल कैरियर को लेकर गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे।’ जस्टिस कुक ने ब्लेक्सलैंड से कहा कि इस बयान में सभी कुछ पूरी तरह से स्पष्ट किया गया था, खासतौर पर सभी सुबूतों के बाद कि आमेर ने सुना था कि बट ने स्पष्ट रूप से लॉर्ड्स में पहले से तय कि गई नो बॉल कराई। जज भी इस बात का पता लगाने के लिए इच्छुक थे कि आखिर किस दबाव ने आमेर को उनके टीम साथियों के साथ रखा।
उनके ऊपर धोखा देने के लिए दबाव जस्टिस कुक भी इस बात को लेकर असमंजस में दिखे कि आमेर कैसे कह सकते हैं कि उनके ऊपर धोखा देने के लिए दबाव था जबकि दूसरी ओर कोर्ट में वह बट और अन्य किसी खिलाड़ी पर आरोप नहीं लगा रहे थे। जज आमेर के बयान से प्रभावित नहीं थे और उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में अन्य खिलाड़ियों के मुकाबले बट की भूमिका ज्यादा संदिग्ध है। उन्होंने ब्लेक्सलैंड से कहा कि उनके पास और भी ज्यादा सबूत हैं, जो आमेर को अन्य भ्रष्ट गतिविधियों से जोड़ती हैं। इसमें पाकिस्तान से आए एक अनजान नंबर से आया एक टेस्ट मैसेज भी है जब लॉर्ड्स में दो नो बॉल फेंकी गई। इसके बाद, ब्लेक्सलैंड ने कहा कि वह संभावित फिक्सिंग के बारे में और दलील पेश करेंगे।
150,000 पाउंड में रचा गया ‘खेल’ ‘न्यूज ऑफ द वर्ल्ड’ के अंडर कवर ने सटोरिए मजहर मजीद को नोबॉल कराने के लिए 150,000 पाउंड का भुगतान किया था। पुलिस ने 9,389 पाउंड आमेर के पास से, 8,120 पाउंड आसिफ, 30,937 पाउंड बट और 2,700 पाउंड माजिद के पास से जब्त किए थे। लेकिन अभी 98,854 पाउंड की बरामदी नहीं हुई है।