खूनी हस्ताक्षर / गोपालप्रसाद व्यास
From Hindi Literature
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रचनाकार: गोपालप्रसाद व्यास | |
वह खून कहो किस मतलब का
जिसमे उबाल का नाम नहीं
वह खून कहो किस मतलब का
आ सके जो देश के काम नहीं
वह खून कहो किस मतलब का
जिसमे जीवन ना रवानी हैं
जो परवश होकर बहता हैं
वह खून नहीं पानी हैं
