पुराने अवतरण Report a problem
पन्ना बदलें संवाद

गीत कविता का हृदय है / ओमप्रकाश चतुर्वेदी 'पराग'

From Hindi Literature

यहां जाईयें: नेविगेशन, ख़ोज

रचनाकार: ओमप्रकाश चतुर्वेदी 'पराग'

~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~


हम अछांदस आक्रमण से, छंद को डरने न देंगे

युग-बयार बहे किसी विधि, गीत को मरने न देंगे


गीत भू की गति, पवन की लय, अजस्त्र प्रवाहमय है

पक्षियों का गान, लहर विधान, निर्झर का निलय है

गीत मुरली की मधुर ध्वनि, मंद्र सप्तक है प्रकृति का

नवरसों की आत्मा है, गीत कविता का हृदय है

बेसुरे आलाप को, सुर का हरण करने न देंगे

गीत को मरने न देंगे।


शब्द संयोजन सृजन में, गीत सर्वोपरि अचर है

जागरण का शंख, संस्कृति-पर्व का पहला प्रहर है

गीत का संगीत से संबंध शाश्वत है, सहज है

वेदना की भीड़ में, संवेदना का स्वर मुखर है

स्नेह के इस राग को, वैराग्य हम वरने न देंगे

गीत को मरने न देंगे।


गीत हैं सौंदर्य, शिव साकार, सत् का आचरण है

गीत वेदों, संहिताओं के स्वरों का अवतरण है

नाद है यह ब्रह्रम का, संवाद है माँ भारती का

गीत वाहक कल्पना का, भावनाओं का वरण है

गीत-तरु का विकच कोई पुष्प हम झरने न देंगे

गीत को मरने न देंगे।

Rate this article:

Share this article:

Hubs Highlights International Sites Wikia messages
Entertainment
Gaming
Cartoons & Comics
Science Fiction
Hobbies
Sports
See all...
German
Spanish
Chinese
Japanese
More...
Wikia is hiring for several open positions
Send this article to a friend
"गीत कविता का हृदय है / ओमप्रकाश चतुर्वेदी 'पराग'"
 
 
Hi!

I thought you'd like this page from Wikia!

http://hi.literature.wikia.com

Come check it out!
Send confirmation


.