चक्र चल रहा है वेग से... / केदारनाथ अग्रवाल
From Hindi Literature
|
रचनाकार: केदारनाथ अग्रवाल | |
|
संग्रह का मुखपृष्ठ: फूल नहीं रंग बोलते हैं / केदारनाथ अग्रवाल |
चक्र चल रहा है वेग से अत्यधिक
प्रमाद से कुचल दिए गए हैं पथिक
दुखान्त के रथ का सारथी है बधिक ।
