FANDOM

१२,२६२ Pages

http://www.kavitakosh.orgKkmsgchng.png
































CHANDER

चले सब गाइ चरावन ग्वाल ।
हेरी-टेर सुनत लरिकनि के, दौरि गए नँदलाल ॥
फिरि इत-उत जसुमति जो देखै, दृष्टि न पैर कन्हाई ।
जान्यौ जात ग्वाल सँग दौर्‌यौ, टेरति जसुमति धाई ॥
जात चल्यौ गैयनि के पाछें, बलदाऊ कहि टेरत ।
पाछैं आवति जननी देखी, फिरि-फिरि इत कौं हेरत ॥
बल देख्यौ मोहन कौं आवत, सखा किए सब ठाढ़े ।
पहुँची आइ जसोदा रिस भरि, दोउ भुज पकरे गाढ़े ॥
हलधर कह्‌यौ, जान दै मो सँग, आवविं आज-सवारे ।
सूरदास बल सौं कहै जसुमति, देखे रहियौ प्यारे ॥

भावार्थ :-- सब गोपबालक गाय चराने चले । बालकों के द्वारा उच्चारित गायों को पुकारने का शब्द सुनते ही नन्दनन्दन भी दौड़ कर चले गये । फिर यशोदा जी जो इधर-उधर देखने लगीं तो कन्हाई कहीं दीखते ही न थे । यह जानकर कि वह गोपबालकों के साथ भागा जा रहा है, यशोदा जी पुकारते हुए दौड़ पड़ीं । यह कहकर पुकारने लगीं कि `बलराम! देखो, कृष्ण गायों के पीछे चला जा रहा है (उसे रोको) `मोहन ने माता को पीछे आते देखा तो बार-बार घूमकर उधर को ही देखते हैं । बलराम जी ने श्याम को आते देखा तो सब सखाओं को खड़ा कर लिया । (इतने में)यशोदा जी आ पहुँची, क्रोध में भरकर उन्होंने (श्याम के) दोनों हाथ कसकर पकड़ लिये । बलराम जी बोले-(इसे) साथ जाने दे, आज शीध्र ही हम सब लौट आयेंगे ।' सूरदास जी कहते हैं, श्रीयशोदा जी बलराम जी से बोलीं--प्यारे कन्हाई को देखते रहना (इस छोटे भाई की सँभाल रखना) ।

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

Also on FANDOM

Random Wiki