Fandom

Hindi Literature

चांद से थोड़ी-सी गप्पें / शमशेर बहादुर सिंह

१२,२६१pages on
this wiki
Add New Page
Talk0 Share

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

http://www.kavitakosh.orgKkmsgchng.png
































CHANDER

{एक दस ग्यारह साल की लड़की की बात}


गोल हैं ख़ूब मगर

आप तिरछे नज़र आते हैं ज़रा ।

आप पहने हुए हैं कुल आकाश

तारों-जड़ा;

सिर्फ़ मुंह खोले हुए हैं अपना

गोरा-चिट्टा

गोल-मटोल,

अपनी पोशाक को फैलाए हुए चारों सिम्त ।

आप कुछ तिरछे नज़र आते हैं जाने कैसे

-ख़ूब हैं गोकि!


वाह जी वाह!

हमको बुद्धू ही निरा समझा है!

हम समझते ही नहीं जैसे कि

आपको बीमारी है :

आप घटते हैं तो घटते ही चले जाते हैं,

और बढ़ते हैं तो बस यानी कि

बढ़ते ही चले जाते हैं-

दम नहीं लेते हैं जब तक बि ल कु ल ही

गोल न हो जाएं,

बिलकुल गोल ।

यह मरज आपका अच्छा ही नहीं होने में...

('प्रतिनिधि कविताएं' नामक संग्रह से )

Also on Fandom

Random Wiki