Fandom

Hindi Literature

चुका भी हूँ मैं नहीं / शमशेर बहादुर सिंह

१२,२६१pages on
this wiki
Add New Page
Talk0 Share

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

http://www.kavitakosh.orgKkmsgchng.png
































CHANDER चुका भी हूँ मैं नहीं

कहाँ किया मैनें प्रेम

अभी ।

जब करूँगा प्रेम

पिघल उठेंगे

युगों के भूधर

उफन उठेंगे

सात सागर ।

किंतु मैं हूँ मौन आज

कहाँ सजे मैनें साज

अभी ।

सरल से भी गूढ़, गूढ़तर

तत्व निकलेंगे

अमित विषमय

जब मथेगा प्रेम सागर

हृदय ।

निकटतम सबकी

अपर शौर्यों की

तुम

तब बनोगी एक

गहन मायामय

प्राप्त सुख

तुम बनोगी तब

प्राप्य जय !


( १९४१ में लिखित )

Also on Fandom

Random Wiki