छाप-तिलक तज दीन्हीं रे तोसे नैना मिला के / अमीर खुसरो
From Hindi Literature
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रचनाकार: अमीर खुसरो | |
छाप-तिलक तज दीन्हीं रे तोसे नैना मिला के ।
प्रेम बटी का मदवा पिला के,
मतबारी कर दीन्हीं रे मोंसे नैना मिला के ।
खुसरो निज़ाम पै बलि-बलि जइए
मोहे सुहागन कीन्हीं रे मोसे नैना मिला के ।
