ज़िन्दा रहने की ख़्वाहिश / परवीन शाकिर
From Hindi Literature
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रचनाकार: परवीन शाकिर | |
दाने तक जब पहुँची चिड़िया
जाल में थी
ज़िन्दा रहने की ख़्वाहिश ने मार दिया ।
