डर था उसका / डा.अजय चौधरी
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रचनाकार: डा.अजय चौधरी | |
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संग्रह का मुखपृष्ठ: खिलखिलाहट / काका हाथरसी |
लुट जाने का डर था उसका
आबादी में घर था उसका
उस बस्ती में जीना कैसा
मरना भी दूभर था उसका
दिल की बातें खाक समझता
दिल भी तो पत्थर था उसका
उड़ने में ही था जो बाधक
अपना घायल पर था उसका
रहता था वो डरा-डरा सा
कहने को तो घर था उसका
