Quantcast देशगीत : अनुरागमयी वरदानमयी / महादेवी वर्मा - Hindi Literature
Recent changes Random page
GAMING
Entertainment
 
Star Wars
Star Trek
Transformers
Muppet Wiki
Digimon Wiki
Marvel Database
See more...

देशगीत : अनुरागमयी वरदानमयी / महादेवी वर्मा

विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से

यहां जाईयें: नेविगेशन, ख़ोज

 रचनाकार: महादेवी वर्मा                 

 संग्रह का मुखपृष्ठ: प्रथम आयाम / महादेवी वर्मा

अनुरागमयी वरदानमयी

भारत जननी भारत माता!

मस्तक पर शोभित शतदल सा

यह हिमगिरि है, शोभा पाता,

नीलम-मोती की माला सा

गंगा-यमुना जल लहराता,

वात्सल्यमयी तू स्नेहमयी

भारत जननी भारत माता।



धानी दुकूल यह फूलों की-

बूटी से सज्जित फहराता,

पोंछने स्वेद की बूँदे ही

यह मलय पवन फिर-फिर आता।

सौंदर्यमयी श्रृंगारमयी

भारत जननी भारत माता।


सूरज की झारी औ किरणों

की गूँथी लेकर मालायें,

तेरे पग पूजन को आतीं

सागर लहरों की बालाएँ।

तू तपोमयी तू सिद्धमयी

भारत जननी भारत माता!

Rate this article:
Share this article: