Fandom

Hindi Literature

द्वारिका प्रमाण / सूरदास

१२,२६१pages on
this wiki
Add New Page
Talk0 Share

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

http://www.kavitakosh.orgKkmsgchng.png
































CHANDER


बार सत्तरह जरासंध, मथुरा चढ़ि आयौ ।
गयो सो सब दिन हारि, जात घर बहुत लजायौ ॥
तब खिस्याइ कै कालजवन, अपनैं सँग ल्यायौ ।
हरि जू कियौ बिचार, सिंधु तट नगर बसायौ ॥
उग्रसेन सब लै कुटुंब, ता ठौर सिधायौ ।
अमर पुरी तैं अधिक, तहाँ सुख लोगनि पायौ ॥
कालजवन मुचुकुंदहिं सौं, हरि भसम करायौ ।
बहुरि आइ भरमाइ, अचल रिपु ताहि जरायौ ॥
जरासिंधु हू ह्वाँ तैं पुनि, निज देस सिधायौ ।
गए द्वारिका स्याम राम, जस सूरज गायौ ॥1॥

Also on Fandom

Random Wiki