नीरजा / महादेवी वर्मा
From Hindi Literature
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रचनाकार: महादेवी वर्मा | |
| नीरजा | |
| रचनाकार: | महादेवी वर्मा |
| प्रकाशक: | -- |
| वर्ष: | 1934 |
| भाषा: | हिन्दी |
| विषय: | कविता संग्रह |
| शैली: | -- |
| पृष्ठ संख्या: | |
| ISBN: | -- |
| विविध: | यह महादेवी वर्मा जी का तीसरा प्रकाशित काव्य संग्रह है |
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इस पन्ने पर दी गयी रचनाओं को विश्व भर के योगदानकर्ताओं ने भिन्न-भिन्न स्रोतों का प्रयोग कर कविता कोश में संकलित किया है। ऊपर दी गयी प्रकाशक संबंधी जानकारी प्रिंटेड पुस्तक खरीदने में आपकी सहायता के लिये दी गयी है। | |
- प्रिय इन नयनों का अश्रु-नीर! / महादेवी वर्मा
- धीरे धीरे उतर क्षितिज से / महादेवी वर्मा
- पुलक पुलक उर, सिहर सिहर तन / महादेवी वर्मा
- तुम्हें बाँध पाती सपने में! / महादेवी वर्मा
- आज क्यों तेरी वीणा मौन? / महादेवी वर्मा
- श्रृंगार कर ले री सजनि! / महादेवी वर्मा
- कौन तुम मेरे हृदय में? / महादेवी वर्मा
- ओ पागल संसार! / महादेवी वर्मा
- विरह का जलजात जीवन / महादेवी वर्मा
- बीन भी हूँ मैं तुम्हारी रागिनी भी हूँ! / महादेवी वर्मा
- रुपसि तेरा घन-केश पाश! / महादेवी वर्मा
