FANDOM

१२,२६२ Pages

http://www.kavitakosh.orgKkmsgchng
































CHANDER


वे हमसे घृणा करते हैं मेरे भाई

क्योंकि हम भी चाहते हैं

उनकी ही तरह जीना

एक भरपूर जीवन


उनका वश नहीं चलता

नहीं तो

वे हवा को हमारी ओर

बहने नहीं देते

पर हवा बहती है

क्योंकि हवा

पहचानती है

आदमी और पेड़ और चिड़िया

हवा का प्यार

पेड़ और चिड़िया की तरह ही

आदमी से है

पर आदमी

हवा के सुखद प्रवाह में

कहाँ झूम पाता है पेड़ की तरह

कहाँ चहक पाता है

चिड़िया की तरह

आदमी

प्रकृति में विचरण कर

कहाँ देख पाता है

प्रकृति का सौन्दर्य


यह प्रकृति भी उनके लिए क्यों है भाई!

क्यों है इतना अंधेरा यहाँ

क्यों है उनके लिए दिन सोने का हिरण

और हमारे लिए बुझा-बुझा-सा


यह हमारी हार का दिन

है मेरे भाई!

पर नहीं संघर्ष का दिन

मर गया है

पर नहीं आवाज़ पर ताला लगा है

पर नहीं आक्रोश अपना थम गया है


(रचनाकाल :1980)

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

Also on FANDOM

Random Wiki