Fandom

Hindi Literature

बेटियों की मुस्कान / रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'

१२,२६१pages on
this wiki
Add New Page
Talk0 Share

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

http://www.kavitakosh.orgKkmsgchng.png
































CHANDER

बेटियों की मुस्कान –

जैसे गूँज उठा

भोर में साम -गान ,

जैसे वन में तिरती

बाँसुरी की तान ,

जैसे भरी दुपहरी में

बरगद की छाया

जैसे लू के बाद

बह उठी शीतल बयार ।

मत छीनो यह मुस्कान

इसके छिन जाने पर -

रूठ जाएँगी ॠचाएँ ,

डूब जाएँगे सातों स्वर ,

रूठ जाएगी शीतल छाया ,

बयार बनेगी

अंगारों की बौछार

झुलस जाएगी सारी सृष्टि ।

Also on Fandom

Random Wiki