भालू बोला / तारादत्त निर्विरोध
From Hindi Literature
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रचनाकार: डा तारादत्त निर्विरोध | |
कहा शेर ने हम तो हम हैं
और दूसरे कम
जंगल के राजा से ज़्यादा
नहीं किसी से कम ।
भालू बोला, पिंजरे में यदि
बंद हो गए तुम
राजाजी तब कहाँ रहोगे ?
कहाँ रहेगा दम ।।
