पुराने अवतरण Report a problem
पन्ना बदलें संवाद

मन बैरागी, तन अनुरागी, क़दम-क़दम दुश्वारी है / निदा फ़ाज़ली

From Hindi Literature

यहां जाईयें: नेविगेशन, ख़ोज

कविता कोश की स्थापना के दो वर्ष पूरे!   दो वर्ष की उपलब्धियाँ    |     रचनाकारों की टिप्पणियाँ    |     अपनी टिप्पणी दीजिये


 रचनाकार: निदा फ़ाज़ली                 

 संग्रह का मुखपृष्ठ: मौसम आते जाते हैं / निदा फ़ाज़ली

मन बैरागी, तन अनुरागी, क़दम-क़दम दुश्वारी है
जीवन जीना सहल न जानो, बहुत बड़ी फ़नकारी है

औरों जैसे होकर भी हम बाइज़्ज़त हैं बस्ती में
कुछ लोगों का सीधापन है, कुछ अपनी अय्यारी है

जब-जब मौसम झूमा हमने कपड़े फाड़े, शोर किया
हर मौसम शाइस्ता3 रहना कोरी दुनियादारी है

ऐब नहीं है उसमें कोई, लाल-परी ना फूल-गली
ये मत पूछो वो अच्छा है या अच्छी नादारी है

Rate this article:

Share this article:

Hubs Highlights International Sites Wikia messages
Entertainment
Gaming
Cartoons & Comics
Science Fiction
Hobbies
Sports
See all...
German
Spanish
Chinese
Japanese
More...
Wikia is hiring for several open positions
Send this article to a friend
"मन बैरागी, तन अनुरागी, क़दम-क़दम दुश्वारी है / निदा फ़ाज़ली"
 
 
Hi!

I thought you'd like this page from Wikia!

http://hi.literature.wikia.com

Come check it out!
Send confirmation


.