मुझसे चांद कहा करता है / हरिवंशराय बच्चन
From Hindi Literature
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रचनाकार: हरिवंशराय बच्चन | |
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संग्रह का मुखपृष्ठ: निशा निमन्त्रण / हरिवंशराय बच्चन |
मुझ से चांद कहा करता है--
चोट कडी है काल प्रबल की,
उसकी मुस्कानों से हल्की,
राजमहल कितने सपनों का पल में नित्य ढहा करता है,
मुझसे चांद कहा करता है
तू तो है लघु मानव केवल,
पृथ्वी तल का वासी निर्बल,
तारों का असमर्थ अश्रु भी नभ में नित्य बहा करता है,
मुझसे चांद कहा करता है
तू अपने दुख में चिल्लाता,
आँखो देखी बात बताता,
तेरे दुख से कहीं कठिन दुख यह जग मौन सहा करता है
मुझसे चांद कहा करता है
