मेरी दुआ है / गुलशन बावरा
From Hindi Literature
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रचनाकार: गुलशन बावरा | |
मेरी दुआ है फूलों-सी तू खिले
जैसी तू है तुझे वैसा ही एक हसीन जीवन साथी मिले
हर नई सुबह लाए तेरे लिए किरणें तेरी ख़ुशी की
तू रहे जहाँ वहाँ रहे सदा मीठी गूँज हँसी की
हो न तकदीर से तुझे शिकवे-गिले
मेरी दुआ है फूलों-सी तू खिले
हम अगर कभी दूर भी हुए यह दिन याद रहेगा
ख़ुशनसीब है जिस को दिल तेरा अपना मीत कहेगा
बनते रहे सदा जीने के सिलसिले
मेरी दुआ है फूलों-सी तू खिले
(फ़िल्म 'राही बदल गए' (१९८५)से)
