Fandom

Hindi Literature

मेरी भी आभा है इसमें / नागार्जुन

१२,२६१pages on
this wiki
Add New Page
Talk0 Share

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

कवि: नागार्जुन

~*~*~*~*~*~*~*~


नए गगन में नया सूर्य जो चमक रहा है

यह विशाल भूखंड आज जो दमक रहा है

मेरी भी आभा है इसमें


भीनी-भीनी खुशबूवाले

रंग-बिरंगे

यह जो इतने फूल खिले हैं

कल इनको मेरे प्राणों मे नहलाया था

कल इनको मेरे सपनों ने सहलाया था


पकी सुनहली फसलों से जो

अबकी यह खलिहाल भर गया

मेरी रग-रग के शोणित की बूँदें इसमें मुसकाती हैं


नए गगन में नया सूर्य जो चमक रहा है

यह विशाल भूखंड आज जो चमक रहा है

1961

Also on Fandom

Random Wiki