Fandom

Hindi Literature

मैं बैठ्या खेत के डोले पै / हरियाणवी

१२,२६१pages on
this wiki
Add New Page
Talk0 Share

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

http://www.kavitakosh.orgKkmsgchng.png
































मोटा पाठ[[[कड़ी शीर्षक]

चित्र:शीर्षकमीडिया:उदाहरण.ogg Edit

]]
[[[कड़ी शीर्षक]

चित्र:शीर्षक[[मीडिया:पार्स नहीं कर पायें (लेक्सींग समस्या): उदाहरण.ogg --~~~~अप्रारूपित सामग्री यहाँ डालें ---- ]] Edit

]]== शीर्षक == साँचा:KKLokGeetBhaashaSoochi

मैं बैठ्या खेत कै डोले पै

कित जासै सिखर दुपहरै नै ?

मेरी जान कालजा खटकै

मत जाइए जी, जी भटकै

लिए देख चार घड़ी डटके

खसबू आरई फूल झारे मैं ।


भावार्थ

--'मैं खेत की मेंड़ पर बैठा हूँ, इस प्रखर दोपहरी में तू कहाँ जा रही है । प्रिय, मेरा हृदय धड़क रहा है । तू

मत जा । मेरा मन भटकता है । चार क्षण के लिए यहाँ खड़ी हो जा । देख, फूल झर रहे हैं और उनकी सुगन्ध

फैल रही है ।

Also on Fandom

Random Wiki