Fandom

Hindi Literature

लेकर सीधा नारा / शमशेर बहादुर सिंह

१२,२६१pages on
this wiki
Add New Page
Talk0 Share

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

http://www.kavitakosh.orgKkmsgchng.png
































CHANDER लेकर सीधा नारा

कौन पुकारा

अंतिम आशाओं की संध्याओं से ?


पलकें डूबी ही-सी थीं --

पर अभी नहीं;

कोई सुनता-सा था मुझे

कहीं;

फिर किसने यह, सातों सागर के पार

एकाकीपन से ही, मानो-हार,

एकाकी उठ मुझे पुकारा

कई बार ?


मैं समाज तो नहीं; न मैं कुल

जीवन;

कण-समूह में हूँ मैं केवल

एक कण ।

--कौन सहारा !

मेरा कौन सहारा !


( १९४१ में लिखित )

Also on Fandom

Random Wiki