Fandom

Hindi Literature

सिलहार / राम विलास शर्मा

१२,२६१pages on
this wiki
Add New Page
Talk0 Share

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

कवि: राम विलास शर्मा

~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~

पूरी हुई कटाई, अब खलिहान में,

पीपल के नीचे है राशि सुची हुई,

दानों-भरी पकी बालों वाले बड़े

पूलों पर पूलों के लगे अरम्भ हैं ।

बिगही-बरहे दीख पड़े अब खेत में,

छोटे-छोटे ठूँठ-ठूँठ ही रह गये ।

अभी दुपहरी में पर, जब आकाश को

चाँदी का सा पात किये, है तप रहा,

छोटा-सा सूरज सिर पर बैसाख का,

काले धब्बों-से बिखरे वे खेत में

फटे अँगोछों में, बच्चे भी साथ ले,

ध्यान लगा सीला चमार हैं बीनते,

खेत कटाई की मजदूरी, इन्हीं ने

जोता बोया सींचा भी था खेत को ।

Also on Fandom

Random Wiki