Fandom

Hindi Literature

सो न सका / रमानाथ अवस्थी

१२,२६१pages on
this wiki
Add New Page
Talk0 Share

Ad blocker interference detected!


Wikia is a free-to-use site that makes money from advertising. We have a modified experience for viewers using ad blockers

Wikia is not accessible if you’ve made further modifications. Remove the custom ad blocker rule(s) and the page will load as expected.

http://www.kavitakosh.orgKkmsgchng.png
































CHANDER

सो न सका कल याद तुम्हारी आई सारी रात

और पास ही बजी कहीं शहनाई सारी रात

मेरे बहुत चाहने पर भी नींद न मुझ तक आई

ज़हर भरी जादूगरनी-सी मुझको लगी जुन्हाई

मेरा मस्तक सहला कर बोली मुझसे पुरवाई

दूर कहीं दो आँखें भर-भर आई सारी रात

और पास ही बजी कहीं शहनाई सारी रात


गगन बीच रुक तनिक चन्द्रमा लगा मुझे समझाने

मनचाहा मन पा लेना है खेल नहीं दीवाने

और उसी क्षण टूटा नभ से एक नखत अनजाने

देख जिसे तबियत मेरी घबराई सारी रात

और पास ही बजी कहीं शहनाई सारी रात


रात लगी कहने सो जाओ देखो कोई सपना

जग ने देखा है बहुतों का रोना और तड़पना

यहाँ तुम्हारा क्या, कोई भी नहीं किसी का अपना

समझ अकेला मौत मुझे ललचाई सारी रात

और पास ही बजी कहीं शहनाई सारी रात


मुझे सुलाने की कोशिश में जागे अनगिन तारे

लेकिन बाज़ी जीत गया मैं वे सबके सब हारे

जाते-जाते चाँद कह गया मुझसे बड़े सकारे

एक कली मुरझाने को मुसकाई सारी रात

और पास ही बजी कहीं शहनाई सारी रात

Also on Fandom

Random Wiki